खीरा शरीर को स्वस्थ रखने के लिए उपयोगी है: काकडी चा उपयोग करा

  
  1. RAM KASTURE

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    खीरा शरीर को स्वस्थ रखने के लिए उपयोगी है काकडी चा उपयोग करा

    खीरा को ककड़ी के नाम से जाना जाता है. जमीन में इसका बीज लगाने पर इसकी बेल बनती है. इस बेल में खीरे का फल लगता है, यह शीत प्रकृति का है. इसकारण लोग गर्मी में इसका सेवन अधिक करते है. खीरा अनेक गुणों से युक्त है. इसके गुणों के कारन खीरा अन्य फलो से महत्त्वपूर्ण हो गया है. हमारी प्रकृति ने अनेक फल दिए जो ओषधी के रूप में प्रयोग में आते है, चूँकि यह प्राकृतिक चिकित्सा है इस कारण इसके उपयोग से साईड इफेक्ट नहीं होते और शरीर सुरक्षित रहता है. इसके सेवन से लाभ ही होगा नुकसान की संभावना कम ही है. खीरे का उपयोग किन किन शारीरिक समस्याओ में किया जा सकता है, इसे नीचे वर्णित किया गया है.

    भोजन को पचाने में खीरा लाभदायक
    खीरे के छिलके में ऐसे फाइबर पाये जाते है होते जो घुलन शील नहीं है. ये फाइबर पेट के लिए अत्यंत ही लाभदायक है और एक पेट साफ़ करने की ओषधी की तरह काम करता है. कब्जियत चाहे वह कितनी भी पुरानी हो, की परेशानी को दूर करने में भी ये लाभकारी है. खीरे के छिलके से पेट अच्छी तरह साफ हो जाता है. पेट के विभिन्न रोग इसके सेवन से दूर होते है.
    यह हैंगओवर को कम करने में मदद करता है
    शराब पीने के बहुत सारे दुष्परिणाम होते हैं, यदि इसका अधिक मात्रा में सेवन किया जाए, यदि शराब एक या 2 पेग लिए जाए तो यह ओषधी का काम भी करती है. अत्यधिक मात्रा में सेवन करने से अगले इसका नशा काम नहीं करने देता. इससे बचने के लिए रात में खीरे का सेवन किया जा सकता है. के अनुसार इसका उपयोग किया उनमें अगले दिन का हैंगओवर बहुत ही कष्ट देनेवाला होता है। इससे बचने के लिए आप रात को सोने से पहले खीरा खाकर सोने दुसरे दिन का शराब का नशा नहीं रहता. खीरे में विटामीन बी, शक्कर और इल्कटोलाइट होते है. ये नशे को कम करने में मदद करते है. नशे से परेशान लोग इसका उपयोग कर सकते है ताकि वे दिन भर अपना काम आराम से कर सके.
    वजन कम करने में सहायक
    आज हमारे देश में अनेक लोग वजन बढ़ने से परेशान है, केरल राज्य ने मोटापा पर टेक्स भी लगा दिया है.यह सब पिज्जा बर्गर जैसी वस्तुओ का सेवन करने से हो रहा है, यदि मोटापे पर नियंत्रण नहीं रखा गया तब यह देश के लिए एक समस्या बन सकती है. खीरे इस समस्या को हल करने के सक्षम है. भोजन में रोज खीरे का सेवन करने से वजन कम करने का प्रयास किया जा सकता है. खीरे को उसके छिलके के साथ खाना चाहिए. खीरे को छिलके के साथ सेवन करने से इसका फल जल्दी मिलता है. दिन में दो समय खीरे का सेवन छिलके सहित करने से शरीर अनेक लाभ प्राप्त कर सकता है.

    कैंसर से बचाए
    खीरे में साइकोइसोलएरीक्रिस्नोल, लैरीक्रिस्नोल और पाइनोरिस्नोल तत्व होते हैं. ये तत्व सभी तरह के कैंसर जिनमें स्तन कैंसर भी शामिल है के रोकथाम में सक्षम हैं. इसीलिए तम्बाकू खाने वाले, सिगरेट पीने वालो को इसका उपयोग करना चाहिए. 1960 और 1970 के दशक में केन्सर के रोगियों की संख्या बहुत कम थी आज हर तीसरे चौथे व्यक्ति को केन्सर हो रहा है. सावधानी के लिए हर व्यक्ति को खीरे का सेवन करना आज की जरुरत है.
    मुँह के बदबू से राहत दिलाता है
    अनेक लोगो को मुह से बदबू आने की शिकायत है. इसके हेतु कुछ मिनटों के लिए मुह में खीरे का टुकड़ा रख ले तो मुह में उत्पन्न जीवाणु जिनके कारण बदबू आरही उन्हें यह खीरे का टुकड़ा मार देता है और बदबू नहीं सी हो जाती है. आयुर्वेद के अनुसार पेट में गर्मी होने पर मुह से दुर्गन्ध आती है. खीरा पेट की गर्मी को शांत करता है. इसीलिए मुह की दुर्गन्ध कम हो जाती है. पेट की गर्मी से होने वाले रोग में भी खीरा कारगर भूमिका निभाता है. गर्मी के दिनों में खीरे का उपयोग अधिक मात्रा में करना लाभदायक होता है यह शरीर को शीतलता प्रदान करेगा अगर मुँह से बदबू आ रही है तो कुछ मिनटों के लिए मुँह में खीरे का टुकड़ा रख लें क्योंकि यह जीवाणुओं को मारकर धीरे-धीरे बदबू निकलना कम कर देता है। आयुर्वेद के अनुसार पेट में गर्मी होने के कारण मुँह से बदबू निकलता है, खीरा पेट को शीतलता प्रदान करने में मदद करता है।
    मासिक धर्म में फायदेमंद
    खीरे का प्रतिदिन सेवन करने से महिलाओ को मासिक धर्म में होने वाली परेशानी से राहत मिलती है, ककड़ी किसनी से कीस लेना चाहिए और इस कीसी हुयी ककड़ी में पुदीना, काला नमक काली मिर्च जीरा और हिंग डालकर बने रायते को प्रतिदिन खाने पर महिलाओ को राहत मिलती है.
    विटामिन के का अच्छा माध्यम
    खीरे के छिलके में विटामिन-के पर्याप्त मात्रा में मिलता है. ये विटामिन प्रोटीन को एक्ट‍िव करने का काम करता है. जिसकी वजह से कोशिकाओं के विकास में मदद मिलती है. साथ ही इससे ब्लड-क्लॉटिंग की समस्या भी पनपने नहीं पाती है।
    आंखों के लिए
    छिलके समेत खीरा खाने से आंख की देखने की क्षमता बढती है. ककड़ी के छिलके में बीटा कैरोटीन होता है, बीटा केरोटिन में आँखों की रौशनी बढ़ाने का गुण होता है. इस कारण ककड़ी के सेवन से आँख की रौशनी बढती है. आँखों के लिए भी खीरा उत्तम दवा के रूप में प्रयोग में लाया जा सकता है.
    मसूडे स्वस्थ रहते है
    फ़ाईटोकेमिकल नामक रसायन खीरे में पाया जाता है. यह रसायन मसुडो के कीड़े ख़त्म करता है. खीरा खाने से मसूडों की बीमारी कम होती हैं. खीरे के एक टुकड़े को जीभ से मुंह के ऊपरी हिस्से पर आधा मिनट तक रखने से इससे निकलने वाला रसायन से मुह की दुर्गन्ध ख़तम हो जाती है. इस प्रकार बिना एलोपेथी की दवा लिए मसुडो और मुह की दुर्गन्ध चली जाती है.
    त्वचा के लिए
    टैनिंग और सनबर्न में भी खीरे के छिलके का उपयोग लाभदायक प्रमाणित हुआ है. इससे त्वचा का रूखापन भी नहीं सा होता है और चेहरे पर मॉश्चराइजर बना रहता है. खीरा काटने के बाद आप उसके छिलके को हल्के हाथों से लगा सकते हैं. कई लोग इसके छिलके को सुखाकर पीस लेते हैं और उसमें गुलाबजल की बूंदें मिलकार फेस पैक की तरह भी उपयोग में लाया जा सकता है.
    काकडी चा शरीरा साठी उपयोग
    काकडी मधे अनेक रसायन असते या रसायनानी शरीरा चे अनेक रोग दूर होतात. अनेकानि काकडी वर शोध केले. ह्या शोधा मधे खालील प्रमाणे माहिती मिळाली ;
    1. काकडी मधे में साइकोइसोलएरीक्रिस्नोल, लैरीक्रिस्नोल और पाइनोरिस्नोल तत्व आहे हे तत्व केन्सर पासन वाचवते. ह्या करिता रोज काकडी चा उपयोग करते.
    2. तोंडा चा वास येत असल्यास काकडी चा एक टुकड़ा जिभे च्या वर ठेवल्यास वास जातो. हे वास एक रसायन मुळे त्याचे नाव आहे फ़ाईटोकेमिकल.
    3. बायकाना शिव्यास असल्यास ह्या वेळी होणारा त्रास काकडी चा रोज उपयोगानी नाहीसा होतो.
    4. काकडी मधे विटामिन K राहते. हे विटामिन्स शरीराच्या प्रोटीन्स ला एक्टिव करते. हे विटामिन रक्ताचे थक्के नाही बनू देतात.
    5. डोळाची रौशनी काकडी च्या उपयोगानी वाढते. बीटाकेरोटिन ह्या रसायन मुळे डोळे चांगले होतात. हे रसायन काकडी मधे राहते, ज्यांचे डोळे बरोबर नाही त्यानी काकडी चा रोज उपयोग केल्यास डोळे चा त्रास नाही होत
    6. काकडी से साल चेहरया वर लावल्यास चेहरया वर चे दाग दूर होतात.
    7. दाता चे मसूड़े
     
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