काश्तकार और बहु उपयोगी केला: शेतकरी आणि बहुगुणी केळी

  
  1. RAM KASTURE

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    काश्तकार और बहु उपयोगी केला

    शेतकरी आणि बहुगुणी केळी



    केला एक ऐसा फल है जो बारहमास मिलता है, इसकी खेती महाराष्ट्र में अधिक होती है. इसके कंद लगाये जाते है. काश्तकारों के यह फसल लाभदाई है. फसल आने में थोडा वक्त लगता है किन्तु दाम अच्छे मिलते है. फिर भी महाराष्ट्र में किसानो की आत्महत्या की संख्या ज्यादा है. इसके कई कारण जिनमे से मुख्य कारण यह हो सकते है:
    1. किसानो को उनकी लागत मूल्य से अधिक दाम का नहीं मिलना: किसानो को उनके लागत मूल्य से ज्यादा मूल्य का नहीं मिलना उनकी आत्महत्या का कारन हो सकता है. किसान अपनी फसल थोक के भाव मंडी में बेचता है. थोक भाव फसल की मंडी में आवक पर तय किया जाता है. इस भाव को तय करने का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है, इस कारण किसान को उसकी दाम का मूल्य नहीं मिल पाता.
    2. फसल अच्छी होने की संभावना के कारण वह कर्ज लेता है और मौसम अनुकूल नहीं होने के कारण उसे फसल उसकी संभावना से कम होती है और वह कर्ज नहीं चूका पाता. यह भी आत्महत्या का कारण हो सकता है.
    3. कुछ किसान को दारु और महिलाओ की लत लग जाती है इस कारन वह अपनी खेती पर ध्यान नहीं डे पाता और अन्तं में आत्म हत्या के लिए मजबूर हो जाता है.
    4. हर काम में उसे पहले खर्च करना पड़ता है और बाद में उसे फसल के रूप में पैसे मिलते है जो संचित धन है वह बेटे बेटियों और घर के लिए खर्च हो जाता है. इसके अतिरिक्त तहसील में भ्रष्टाचार की मार का प्रमुख नायक किसान ही होता है. हर कोई उसके सरल स्वभाव के कारण बिना पैसे के उसका कोई काम नहीं करता है, यह भी आत्महत्या की वजह हो सकती है.
    इन कारणों के बाद भी किसान अपने खेत में परिश्रम करने से नहीं चुकता जो भी फसल उसे उगानी है उसके लिए जी जान से मेहनत करता है, आश्चर्य इस बात का है कि इस श्रमिक को कोई अवकाश नहीं है इस पर श्रमिको की लिए बना कानून लागू नहीं, बिना अवकाश के सतत कार्य के रत रहने वाला प्राणी किसान ही है. अपने आसपास की प्राकृतिक माहौल को देखकर वह फसल का चयन करता है, भुसावल के आसपास केले की खेती के लिए वातावरण अनुकूल है इस कारण वह केले की खेती के साथ अन्य फसलो को उगाता है, दुर्भाग्य की बात यह है कि वह केले के वैज्ञानिक गुणों से परिचित नहीं है, यदि परिचित होता तो मंडियों में भरोसे नहीं रहता और केले के गुणों का उपयोग कर उससे उत्पाद बना ता जिससे उसे अच्छे दाम मिलते. देश के ग्रामीण क्षेत्रो में आज भी ऐसे अधिकारी नहीं है जो किसानो को वैज्ञानिक रीती से खेती करने के लिए प्रेरित करे. जो है वे अपने आफिस में बैठकर अपने कर्तव्यो को इतिश्री समझ लेते है. इन विपरीत परिस्थितियों में भी किसान ऐसी फसले उगाता है जो मनुष्य के स्वास्थ के फायदेमंद है. इनमे केला भी एक है. केला एक ऐसा फल है, जो हर मौसम में आसानी से हर जगह मिल जाता है. और यह काफी सस्ता भी होता है, जिसके कारण इसे कोई भी खरीद सकता है. एक अनुसन्धान के अनुसार केले का नियमित सेवन करने से व्यक्ति अनेक बीमारियों से बच सकता है. केला, कैलोरी और फाइबर का बेहतरीन स्रोत होता है. इस बहु उपयोगी केले के क्या-क्या फायदे हैं और इसके क्या-क्या उपयोग हैं के बारे में नीचे बताया जा रहा है : .

    केले के फायदे और उपयोग :
    1. केला खाने से तुरंत एनर्जी मिलती है, केले में अत्यधिक केलोरी होती है, इस कारण इसके सेवन से व्यक्ति में तुरंत उर्जा पैदा होती है. यह उर्जा सकारात्मक उर्जा है इसकारण इसके कोई दुष्परिणाम नहीं है.
    2. देश में अनेक व्यक्ति ऐसे है जिन्हें अपने काम के कारन भोजन करने की भी फुर्सत नहीं मिलती ऐसे व्यक्ति को नाश्ते में केला खाने लेने से शरीर में ऊर्जा का लेवल बढ़ता है, जो लोग दिन भर भूखे और प्‍यासे रहते हैं, ऐसे लोग केवल केला हीं खाएँ, तो उन्‍हें इससे किसी दूसरे फल की तुलना में कही ज्यादा उर्जा मिलेती है. इसी कारण जो लोग बहार का भोजन नहीं लेते वे अपनी उर्जा का स्तर केले के सेवन से बनाकर रखते है. ऋषि मुनियों का आहार वे फल ही थे जिनमे केलोरी अधिक मात्रा में होती थी.

    3. केला शरीर को फाईबर उपलब्ध कराने का स्त्रोत है. इस कारण वे लोग जो पाचन तंत्र के बिगड़ाव से परेशान है केले का फाईबर का उपयोग केला खाकर अपने पाचन तंत्र को मजबूत बना सकते है. इसी प्रकार गैस की समस्या वाले व्यक्तियों के लिये केला बहुत लाभकारी दवा का काम करता है..
    पढ़े लिखे लोग और वे लोग जो इस फल के गुणों से परिचित है यात्रा के दौरान आप केला अपने साथ रख सकते हैं, इसे खाने से आपको पेट साफ़ होने की शिकायत नहीं रहती. यदि कोई व्यक्ति अक्सरयात्रा करते हैं, तब इस फल को यात्रा के समय अपने साथ रखना न भूले.
    4. केला एक ऐसा फल है, जो हर मौसम में आसानी से हर स्थान पर मिल जाता है. और यह काफी सस्ता भी होता है, जिसके कारण प्रत्येक व्यक्ति के खरीद के दायरे में यह फल है. एक अनुसन्धान के अनुसार केले का नियमित सेवन हमें कई बीमारियों से बचा सकता है. केले में कैलोरी और फाइबर अधिक मात्रा में होने से यह व्यक्ति के लिए लाभ दायक है. इस फल के क्या क्या लाभ है और इसके क्या उपयोग के बारे में हमें जानना चाहिए.
    केले के फायदे और उपयोग :
    (i) केले में उर्जा देने का गुण होने के कारण केले को खाने से तुरंत उर्जा मिलती है. इस उर्जा के लिए अधिक समय तक इंतजार नहीं करना पड़ता है. यह केले का विशिष्ट गुण है.

    (ii) केले में उर्जा का स्रोत होने के कारण शरीर में उर्जा का स्तर कम होने पर इसे नाश्ते में शामिल करना लाभ दायक है. इसमें फाईबर पाये जाने के कारण इससे पाचन क्रिया व्यवस्थित रहती है. कब्ज के रोगियों के लिए यह लाभ दायक है.

    (iii) व्यक्ति अधिकांश समय बैठे रहकर काम करता है इसके कारण वह गैस के रोग का शिकार हो जाता है ऐसे मरीजो को नियमित केले के सेवन की आदत डालनी चाहिए.

    (iv) अनेक लोग यात्रा में खाने से परहेज करते है ऐसे लोगो को यात्रा के समय केले का ही प्रयोग करना चाहिए साथ में सेब फल भी लाभ देगा.

    (v) केले में ट्राईफोटोपन नामक रसायन पाया जाता है. केले के सेवन से इस रसायन की मात्रा शरीर में जाती है और डिप्रेशन या तनाव में रहने वाले लोगो को के डिप्रेशन और तनाव को दूरकर मस्तिष को रिलेक्स करता है.

    (vi) केले में शरीर को खून प्रदान करने का गुण होने के कारण नियमित केले के सेवन से खून का स्तर बढ़ता है.

    (vii) अनियमित जीवन शैली,खानपान और मानसिक तनाव के कारण व्यक्ति अपनी स्वाभाविक नींद पूरी नहीं कर पाता, स्वाभाविक नींद के लिए केले के साथ शहद लिया जाना चाहिए. इससे अच्छी नींद आती है, अनिद्रा के मरीजो को यह प्रयोग करना चाहिए.

    (viii) केला पोटेशियम नामक रसायन का स्त्रोत भी है जो शरीर के ब्लड प्रेशर को सामान्य रखता है. ऐसे मरीजो को डाक्टर केले खाने की सलाह देता है .

    (ix) अनेक लोग इतनी शराब पी लेते है कि दुसरे दिन वे काम करने के योग्य नहीं रह पाते ऐसे लोगो को शराब का नशा उतारने के लिए मिल्क शेक का प्रयोग करना चाहिए. किसी भी प्रकार का नशा उतारने के लिए मिल्क शेक का प्रयोग आजमाया जाना चाहिए. मिल्क शेक शरीर को ठंडा भी रखता है.

    (x) व्यक्ति काम करते करते थक जाता है और मस्तिक्ष भी काम नहीं करता कोई नया आईडिया भी दिमाग में नहीं आता ऐसे समय केला खाना चाहिए जो दिमाग को तरोताजा करता है, उर्जा देता है और बुध्दी को भी बढाता

    (xi) केले में रक्त शर्करा को नियंत्रित रखने का गुण भी है. रक्त शर्करा के मरीज को केले का सेवन करने से उनकी रक्त शर्करा नियंत्रण में रहेगी. प्रतिदिन दो केलो के साथ शहद खाने से हार्ट के रोगियों को भी लाभ होता है.

    (xii) नकसीर होने पर केले को चीनी दूध के साथ सात दिनों तक खाने से उन्हें इस समस्या से मुक्ति मिल सकती है.

    (xiii) अनेक लोग जन्म से दुबले रहते है ऐसे लोगो को केले का शेक पीना चाहिए इसके पीने से दुबले लोग मोटापे का आनन्द ले सकते है.

    (xiv) गर्भवती महिला को केले का सेवन नित्य करना चाहिए

    (xv) केले में विटामिन C,B6 और फाईबर भी होता है, इनकी जरुरत आयु में अधिक लोगो को होती है. इस कारण इस फल का सेवन बुजुर्गो के लिए उपयोगी है. केले में पाये जाने वाला फाईबर इन बुजुर्गो को पेट और कब्जियत के रोगों से बचाता है.

    (xvi) जिन व्यक्तियों की मांस पेशीय मजबूत नहीं है उन्हें केले का सेवन करना चाहिए\

    (xvii) सरदर्द की शिकायत होने पर केले के छिलकों को पीसकर सर में इसका पेस्ट लगाने से सरदर्द में राहत मिलती है. यह फल शरीर में श्वेत रक्त कणों की मात्रा बढ़ाता है.

    ये सारे बताये गए उपाय व्यक्ति को किसी डाक्टर की सलाह से करने चाहिए ये उपाय एक सामान्य व्यक्ति के लिए बताये गए है, हर व्यक्ति के विचार और सोचने की शक्ति अलग अलग है इसीलिए इन की प्रकृति अलग अलग होगी इस कारण कोनसा उपाय उन्हें लाभ देगा इसका निदान केवल डाक्टर ही कर सकता है.
    केळ हे फळ अनेक विटामिन आणि रसायनानी भरली आहे. ह्या कारणा मुळे हे फळ शरीरा च्या आरोग्या साठी उत्तम आहे. ह्याचे गुण खालील प्रमाणे आहे हे गुण किंवा प्रयोग एक सामान्य मानसा करिता आहे प्रत्येक व्यक्ति चे विचार आणि शक्ति भिन्न भिन्न असते यास्तव हे प्रयोग करण्या आधी डाक्टर ची सल्ला घेणे योग्य आहे, व्यक्ति च्या प्रकृति वरुण डाक्टर हे निश्चित करतील कि कोणता उपाय कोणत्या मानसा करिता उपयुक्त असू शकतो:
    1. केळा मधे सकारात्मक उर्जा शरीरा ला देण्याचे गुण आहे. हे फळ खाल्यास व्यक्ति ला शक्ति मिळते ह्या मधे फाईबर असल्या कारणाने पाचन क्रिया व्यवस्थित राहते.

    2. प्रत्येक माणूस दिवस भर बसून काम करतो ह्या मूळे त्याला गेसेस चा त्रास होतो. हे फळ गेसेस ला दूर करण्या साठी सक्षम आहे.

    3. केळया मधे ट्राईफोटोपन नावाचा रसायन असतो. केळी चे सेवन केल्यास ह्या रसायन ची मात्रा शरीरा मधे जाते. आणि डिप्रेशन व ताना मधे रहाने वले लोंकना डिप्रेशन आणि ताना ला दूर करूण डोक्या ला रिलेक्स मिळतो.

    4. केळी मध्ये शरीरा ला खून देण्याचा गुण होन्या कारणाने केळी उपयोग नियमित केल्याने रक्ता चे स्तर वाढते.

    5. स्वाभाविक झोपे करिता केळी बरोबर शहद घेतल्यास ह्यानी झोप चांगली येते. अनिद्रा च्या रोग्यानी हे प्रयोग करुण पाहावे.

    6. केळी पोटेशियम नावाच्या रसायन चा स्त्रोत आहे हे रसायन ब्लड प्रेशर नियंत्रित ठेवतो

    7. दारू चा नशा नाहीसा करण्या साठी मिल्क शेक चा प्रयोग केला जाते. कोणत्या ही प्रकार च्या नशा उतारन्या करिता मिल्क शेक चा प्रयोग आजमाऊ शकतात मिल्क शेक शरीराला ठंड ठेवते.

    8. जेव्हा व्यक्ति काम करुण करुण थकून जातो त्या वेळी खाल्यास जो डोक्या ला उर्जा देतो आणि तरोताजा ठेवतो, ह्यानी बुध्दी पण वाढते.

    9. केळी मधे रक्त शर्करा ला नियंत्रित करन्याचे गुण आहे. रक्त शर्करा च्या रोग्यानी केळी चे सेवन केल्यास ही रक्त शर्करा नियंत्रित राहते. रोज दोन केळी शहदा बरोबर खाल्यास हार्ट च्या रोग्याना लाभ होतो.

    10. नाक फुटन्या नंतर केळी साखर आणि दूध बरोबर सात दिवस् घेतल्यास ह्या त्रासा पासून मुक्ति मिळते .

    11. अनेक लोक जन्मा पासून रोड़ असतात ह्या लोकानी मिल्क शेक पिल्यास जाड़े होऊ शकते.

    12. गर्भवती बायकानी केळी चा उपयोग रोज केला पाहिजे.

    13. केळी मधे विटामिन C,B6 और फाईबर राहते, वयोवृद्ध लोंकाना ह्याची गरज आहे.ह्या फळा वयोवृद्ध लोकां करिता उपयोगी आहे. केळी मुळे याचातला फाईबर ह्या लोंकाना पोटा च्या रोगा आणि पोट साफ़ ठेवतो.

    ज्या लोंका ची मांस पेशीय मजबूत नहीं आहे त्यानी केळी चे सेवन केले पाहिजे.

    14. डोके दुखी चा त्रास झाल्यास केळी च्या सालांची चटनी वाटुन ह्या चटनी चा लेप डोक्या वर लावल्यास फायदा मिळते केळी शरीरा मधे रक्ताचे पांढरे कण वाढवतो.

    ह्या सर्व उपचारा चा वापर डाक्टर च्या सल्ल्यानी केल्याणी वाईट परिणाम होणार नाही. केळी एक फळ असल्या कारनाने ह्याचा भरपूर उपयोग घेतला पाहिजे हे फळ स्वस्त असून सुलभ आहे. बहुतेक काश्तकार ला केळी चा गुणा बद्दल माहित नसल्या मुळे ते ह्या फळया च्या गुणा बदल काहीच करू शकत नाही. ज्याना हे गुण माहित आहे ते गुणा चा वापर करूण ह्याचे अनेक प्रोडक्ट बनवते. जसे शेतकरी द्राक्षा चा उपयोग करतो तसा केळी चा उपयोग करूण घेत नाही हे शेतकरी चे दुर्भाग्य आहे.
     
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