लहसुन एक उत्तम औषधी है: लसन एक कारगर औषधी आहे

  
  1. RAM KASTURE

    RAM KASTURE Member

    लहसुन एक उत्तम औषधी है. लसन एक कारगर औषदी आहे
    लहसून के नाम से ही बच्चे क्या बढे बूढ़े भी इसकी बदबू के कारन अनेक लोग इसे खाते नहीं है. लहसुन एक गुणकारी कंद जाति का है, जमीन के अन्दर पैदा होता इसमें असीमित गुण है.यह स्वास्थ को बेहतर रखता है. इसका उपयोग भारत में नहीं दुनिया के अनेक देशो में मसालों में डालकर किया जाता है. इसके ज्यूस का भी उपयोग किया जा सकता है, इसके रोज सेवन से शरीर में चमत्कारी परिणाम देखने को मिलते है. इसको खाली पेट खाने की आदत बनायीं जा सकती है. एक दो दिन अलग लगेगा किन्तु एक बार आदत बन जाने पर इसे नहीं खाने से कुछ तो भी छुट गया दिन भर लगता रहेगा. भारत देश में इसका उपयोग सब्जी आदि डालने और मसालों के लिए किया जाता है.

    लसन हा प्रत्येक घरोघरी मिळनारा पदार्थ आहे, ह्या मधे अनेक गुण आहेत. ह्याचा वासाने अनेक लोक ह्याचे उपयोग करित नाही. पण एक वेळा आदत लागली कि ह्याचा उपयोग सहज केला जाऊ शकते. ह्याच रस अनेक लहान मोठ्या बीमारी मधे कामी पड़ते. भारतात तरच नाही तर अनेक देशात ह्याचा वापर होतो.
    1. लहसून के ज्यूस की 10 बूंदें और दो चम्मच शहद को एक ग्लास पानी में मिलाकर रोजाना पीने से दमा के रोग में अत्यधिक लाभ होता है.
    लसन्या च्या जूस च्या 10 बूंद आणि 2 चमचे शहद एक ग्लास मधे रोज घेतल्यास दमा मधे लाभ मिळतो.
    2. आपका गला खराब होने की स्थिति में लहसुन का ज्यूस गरम पानी में मिलकर गरारे करने से गले की खराश दूर होती है.
    गळा ख़राब असल्यास लहसुन ज्यूस आणि गरम पानी चे गरारे केल्यास गळा ची खराश दूर होते.
    3. छोटे बच्चो को सर्दी खासी से परेशान है लहसुन की माला पहनाई जाती है, इससे बच्चो को आराम मिलता है और लहसुन की कलिया मुरझा जाती है.
    लहान मुलाना सर्दी पडसा झाल्यास त्यांच्या गळा मधे लसने ची माळ घातली जाते. ह्या माळे नि सर्दी पडसा नाहीसा होतो.
    4. यदि कोई खासी से परेशान है तब लहसुन की 2 बुँदे अनार के रस में देने से किसी भी प्रकार की खांसी में आराम मिलता है.
    खोकल्या च्या त्रास दूर करण्या करिता लसन ज्यूस ची 2 ड्राप डाळीम्ब च्या रस मधे घेतल्यास खोखल्या पासून आराम मिळतो.
    5. मुहासों से छुटकारा पाने के लिए लहसुन के ज्यूस को चेहरे पर लगाया जा सकता है. इसे दिन में पांच मिनिट तक चेहरे पर लगाकर रखना चाहिए उसे बाद ठन्डे पानी से धो लिया जाना चाहिए, यह प्रक्रिया तब तक की जानी चाहिए जब तक मुहासे ख़तम नहीं हो जाते. अनेको क्रीम से यह बेहतर काम करता है. क्रीम के साईड इफेक्ट भी हो सकते है जबकि लहसून के कोई साईड इफेक्ट नहीं है.
    चेहर्या वर उठ्नाले फिटकोल्या चेहर्या वर लसन चा रस लावल्याने नाहीसा होतात. ह्या ज्यूस ला फ़क्त 5 मिनिट पर्यंत लाऊण ठेवावे नंतर पाण्याने धुवावे. जास्त वेळ ठेवल्यास चेहर्या च्या त्वचा ला धका बसु शकतो.
    6. जिनके सर बाल कम है ऐसे लोगो को उस स्थान पर लहसुन का ज्यूस लगाना चाहिए जिस स्थान बाल कम है दिन में दो बार लगाया जाना चाहिए और सूखने तक इसे रखना चाहिए. इससे नए बाल आना शुरू हो जाता है और रुसी एवं जूं की समस्या से भी व्यक्ति मुक्त हो जाता है. सर पर ज्यूस लगाने की प्रक्रिया तब तक करनी चाहिए जब तक नए बाल आना शुरू नहीं होते.
    ज्याना केस नसल्याच्या चा त्रास आहे त्यानी लसन ज्यूस त्या ठिकाणी लावावे, हे सुखलयास त्याला धुवावे जास्त वेळ नाही ठेवले पाहिजे. हे क्रिया केस आल्या पर्यंत केले पाहिजे. ह्यानी रुसी चा त्रास पण नाहीसा होतो.
    7. लहसुन के ज्यूस को सुबह के समय दूध के साथ पीने से महिलाओ में बाँझपन से मुक्ति मिल सकती है.
    लसन च्या रस सकाळी दूध बरोबर घेतल्यास बाई लोकाना मुल न होण्याचा समस्या पण समाप्त होते.
    8. जंगली जानवर के काटने पर लहसुन के ज्यूस को काटी जगह में लगाने से दर्द से आराम मिलता है.
    कोणी कीटाणु चावल्यास त्या मुळे होणारा दुखने ह्या रस लावल्यास कमी होते.
    9. लहसुन का सबसे अद्भुत गुण है कि इसके सेवन से बुरे कोलेष्ट्रार की मात्र कुछ ही दिन में कम हो जाती है.
    लसना चा ज्यूस कोलेस्टार कमी होतो आणि ह्रदय विकाराची संभावना कमी होते.
    10. लहसून के सेवन से खून पतला होता है और इसके कारण पुरे शरीर में इसका संचार होता है.
    लसनाच्या रसानी रक्त पातळ होते आणि शरीरात रक्त संचार सुगम होते.
    11. लहसुन का ज्यूस महिलाओ के स्वास्थ के लिए उत्तम है. इसके उपयोग से महिलाओ को अनेक लाभ होते है.
    बायकाना लसन रस खूब फायदा देतो.
    12. जिन्हें कब्जियत की शिकायत रहती है उन्हें खाली पेट लहसुन का ज्यूस पीने लाभ होगा.
    लहसुन का उपयोग करते समय निम्न बातो को ध्यान में रखना चाहिए
    ज्यांचे पोट नेहमी ख़राब राहते त्यानी सकाळी खाली पोट लसन खाल्यास त्यांचा त्रास कमी होते.
    1. लहसून का ज्यूस खाना खाने के बाद ही पीना चाहिए.
    लसना च्या ज्यूस जेवल्या नन्तरच घेतला पाहिजे. आधी घेतल्यास त्रास होऊ शकतो.
    2. लहसून का ज्यूस को दिन के वक्त और केवल सुखने तक ही सर में लगाये रखना चाहिए यदि ऐसा नहीं किया गया तो यह आपकी त्वचा को हानि पंहुचा सकता है
    डोक्यावर लसन रस वाळला कि धुतले पाहिजे, नाही तर डोक्यावर विपरीत परिणाम होऊ शकतो.
    3. ताजे लहसून से सबसे ज्यादा स्वाद और फायदा लिया जा सकता है.
    4. मुरझाया लहसून नहीं खरीदना चाहिए.
    मुरझलेला लसन नका विकत घेऊ
    5. लहसून को धूप से बचाकर सूखी और ठंडी जगह में रखना चाहिए.
    लसन ला उन्हा पासून जपा आणि थंडया जागेत ठेवा
    6. छिला हुआ लहसून या लहसून के ज्यूस को फ्रीज में नहीं रखना चाहिए.
    साफ केलेला लसन फ्रिज मधे नका ठेऊ
    खाली पेट लहसुन खाने के लाभ.
    खाली पोट लसन खाल्यास होणारे फायदे
    अनेको लोगो ने लहसुन पर काफी अध्ययन किया है, उनके अयध्यन से प्रमाणित हुआ है कि खाली पेट लहसुन का सेवन करने से अनेक व्याधियो में लाभ होता है. जैसे;
    अनेक लोकानी लसनावर अध्ययन केले त्यांच्या ह्या अध्ययन वरुण प्रमाणित झाले कि खाली पोट लसन घेतल्यास बरेच फायदे होतात, अनेक आजारपण ठीक होतात :
    लहसुन एन्टीबायोटिक का काम करता है. यह अच्छा पाचन और भूख बढाता है.TB का रोग होने पर खाली पेट लहसुन खाने से फायदा होता है.

    मधे एन्टीबायोटिक चे गुण आहे हे पाचन शक्ति आणि भूख वाढवते TB च्या रोग्यानी हे खाली पोट घेतल्यास त्याना फायदा झाल्यास दिसले
    लहसुन पेट के तनाव को कम करता है. पेट में बनने वाले एसिड से छुटकारा दिलाता है. यह डायरिया के इलाज में लाभदाई है.
    लसन पोटाचा तनाव कमी करते. पोटा मधे बनलेले असिड कमी होते आणि डायरिया हा रोग पण नाहीसा होतो.
    1. यह उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करता है. यह शरीर में रक्तचाप को नियंत्रित करता है. शरीर में रक्त संचार को सुगम बनाता है.
    लसन हाई ब्लड प्रेशर ला नियंत्रित करतो व ब्लड प्रेशर ला नियंत्रित ठेवतो. शरीरा मधे रक्त संचार चांगला होतो.
    2. लहसुन डिटाक्सीफिकेशन के गुणों से युक्त है. यह परजीवी कीड़ो को समाप्त करता है. मधुमेह, केन्सर को भी नियंत्रित करता है .
    लसन हे डीटाक्सीफिकेशन च्या गुनाणी युक्त आहे. हां परजीवी कीटाणु ला नष्ट करतो. मधुमेह व् केन्सर सारख्या मोठ्या रोगाना ताब्यात ठेवतो.
    3. यदि एलर्जी की समस्या में इसका उपयोग किसी विशेषग्य की सलाह से ही करना चाहिए.
    प्रत्येक वस्तु जेव्हा घ्यायला शुरू करतो तेव्हा जानकार लोकांशी सल्ला घेणे आवश्यक आहे. ज्याना एलर्जी आहे अशा लोकानी सल्ला घेवुन उपयोग केला पाहिजे.
    4. फ्लू और इन्फ़्लुइन्ज़ा के रोगियों ने सुबह लहसुन का रस पीने से उनकी तबियत ठीक होती है. लहसुन में एन्टी बायोटिक का गुण होने से किसी फोड़े पर इसे बारीक़ कर इसकी पट्टी बांधने से फोड़ा ठीक होता है. लहसुन के रस की कुछ बुँदे रुई पर लेकर उसे सूंघने से सर्दी ठीक होती है.
    फ्लू आणि इन्फ्लुन्ज़ा च्या रोग्यानी लसन रस सकाळी घेतल्यास त्याना त्यांच्या तब्यतित फायदा दिसून येतो, लसना मधे एन्टीबायोटिक चे गुण असल्या कारणाने फोड़ झाल्यास त्या वर लसना ला बारीक़ करूण त्याची पट्टी बांधल्यास फोड़ बसतो. लसन च्या रसा मधे रुई भिजवून त्याचा वास घेतल्यास सर्दी चे आजार बरे होते.
    लहसुन का नियमित सेवन करने से अनेक प्रकार के रोग दूर होते है, ऐसा करने वालो का स्वास्थ अच्छा रहता है.
    लसना चे रोज उपयोग केल्यास अनेक प्रकार चे रोग दूर होतात व् त्याना चांगले स्वास्थ लाभते.
    HIV या एड्स के रोगियों को इसका सेवन नहीं करना चाहिए इसके सेवन से यह बीमारी खतरनाक हो सकती है. ऐसे रोगियों को जानकारों की सलाह से इसका उपयोग करना चाहिए.
    HIV या एड्स च्या रोग्यानी लसना चा उपयोग नहीं केला पाहिजे. लसना चा उपयोग केल्यास रोग खतरनाक होऊ शकते. ह्या रोग्यानी लसना चा उपयोग विशेषज्ञ ला विचारून केल्यास बरे होईल.
    सफ़ेद बाल काले करने के लिए लहसुन की पांच कलिया को थोड़े पानी में डालकर पीस ले और उसमे 10 ग्राम शहद मिलकर सुबह शाम लेने सफ़ेद बाल काले होने लगते है किन्तु इसमें कई माह लग सकते है.
    पांढरे केस काळे करण्या करिता 5 लसना च्या कळया थोड्या च्या पानी मधे बारीक़ करून 10 ग्राम शहदा मधे सकाळी संध्याकाळी घेतल्यास पांढरे केस काले होऊ लागतात. ह्याला काही महीने लागू शकतात.
    लहसुन के नियमित सेवन से भोजन नली और स्तन केन्सर की संभावना समाप्त हो जाती है.
    लसना च्या नियमित उपयोगानी जीवन नळी आणि स्तन केन्सर ची संभावना नाहीशी होते.
    लहसुन की 2 कलिया गरम दूध के साथ लेने से दिल की बीमारी नियंत्रित होती है
    लसना च्या दोन कळया गरम दूधा बरोबर घेतल्यास हार्ट ची बीमारी नियंत्रित होते
    लहसुन श्वसन तंत्र के लिए बहुत लाभदायक होता है. यह अस्थमा, निमोनिया, ज़ुकाम, ब्रोंकाइटिस, पुरानी सर्दी, फेफड़ों में जमाव और कफ आदि की रोकथाम व उपचार में बहुत प्रभावशाली होता है।
    लसन श्वसन तंत्र साठी लाभदायक आहे.यह अस्थमा ,निमोनिया,,पुरानी सर्दी, आणि कफ मध्ये रामबाण आहे.
    इस प्रकार संक्षेप में रोजाना खाली पेट थोड़ा सा कच्चा लहसुन खाने के, ये होते है जबरदस्त फायदे – लहसुन सिर्फ खाने का स्वाद ही नहीं बढ़ाता, बल्कि इसे खाने के अनेक हेल्दी फायदे भी हैं। आप सोच भी नहीं सकते कि लहसुन की एक कली कितने रोगों को खत्म कर सकती है.
    यह कई बीमारियों की रोकथाम और उपचार में प्रभावी है. कुछ भी खाने या पीने से पहले लहसुन खाने से ताकत बढ़ती है। यह एक महत्वपूर्ण प्राकृतिक एंटीबायोटिक की तरह काम करता है। आयुर्वेद में लहसुन को जवान बनाए रखने वाली औषधि माना गया है। साथ ही, यह जोड़ों के दर्द की भी अचूक दवा है.
    संक्षेप मधे लसन हे बहुउपयोगी आहे ह्यानी बरेच रोग ठीक होतात.ह्याचा नियमित सेवन केल्यास माणूस निरोगी राहू शकते. लहान मुलाना हे बरेच लाभ दायक आहे. ह्या मधे एन्टी बायोटिक चे गुण आहे तर कोलेस्ट्रार कमी करण्याची क्षमता आहे. ब्लड प्रेशर साठी उत्तम औषधी आहे, फोड़ आदि साठी कारगर आहे.
     
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