मरना कठिन नहीं जीना कठिन है

  
  1. RAM KASTURE

    RAM KASTURE Member

    मरना कठिन नहीं जीना कठिन है

    जीवन में अनेक अनुभव आते है. कुछ मनुष्य इससे सबक लेकर आगे बढ़ते है तो कुछ लोग निराश होकर हाथ पर हाथ रखकर बैठ जाते है, ऐसे अनेक अनुभव होते है जो व्यक्ति को निराश करता है,ये अनुभव ऐसे है जो हर व्यक्ति के जीवन में आते है.
    1. यदि आप कोई बिज़नेस करते है, आपका विश्वस्त बिना बताये कोई वितीय व्यवहार कर लेता है. इसके बारे में वह आपको कुछ नहीं बताता, जब आपको इस व्यवहार की जानकारी आपको होती है, आप उससे सवाल जवाब कर आप समाधान करना चाहते है. वह अपनी गलती मानने को तैयार नहीं होता और बहार के लोगो से जाकर कहता है. ऐसे लोगो के यहाँ नौकरी करने क्या लाभ ? जब आपको यह बात पता चलती है तब आप विचार करते है क्या आपने उसकी गलती बताकर उसको उटपटांग नहीं कहने पर भी उसके मन में यह विचार क्यों आया? आपने उसके व्यवहार के बारे में बताकर कोई बड़ी गलती है. आप सोचते रहे उसे इससे कोई फरक नहीं पड़ता. आप को यह घटना को भूलना पड़ेगी अन्यथा आप इस पर विचार कर अपना शरीर में रसायनों का असंतुलन पैदा कर लेंगे. अतंतोगत्वा परेशानी आपके हिस्से में आएगी.
    2. व्यापारी को अपने व्यवसाय में बहुत ही ईमानदारी का परिचय देना चाहिए. व्यवसाय का लम्बा सफ़र केवल ईमानदारी पर निर्भर है. किसी अजनबी को देखकर उसे अधिक भाव बताकर लुटने का प्रयास नहीं करना चाहिए. जिस जींस में गारंटी है उसके बारे में ग्राहक को बताया जाना चाहिए किसी कम्पनी की और से कोई आफर हो तब उसकी जानकारी ग्राहक को देनी चाहिए. व्यवसाय आप कर रहे है इसीलिए हमेशा चिल्लर रखने की जवाबदारी भी आप ही की है. बैंक चिल्लर देने की सुविधा देता है. मिलावटी वस्तुओ से दूर रहना चाहिए. जो भी टेक्स बनता है उसका हिसाब ईमानदारी से किया जाना चाहिए.
    3. आप नौकरी करने जाते है, आपके सहयोगी आपके बारे में कुछ नकारात्मक बाते कहकर उनके कान भरता है. आपका बॉस आपसे नाराज हो जाता है. आप परेशानी में पड गए. इस समस्या से निपटने के दो उपाय हो सकते है पहला बॉस को उनकी कही बातो के बारे में स्पष्टीकरण दे, बॉस इतना भरा है कि वह आपके स्पष्टीकरण से संतुष्ट नहीं होता इस स्थिति में दूसरा उपाय ही कारगर होगा, आप इतनी मेहनत और चैलेंजिंग काम करे जो दूसरा नहीं कर सकता. इस आपकी कर्तव्य निष्ठा का असर जरुर होगा, सतत ऐसा काम करते रहने से बॉस की गलत पह्मी दूर होगी. यदि बॉस नाराज है तब वह आपको ऐसे ही काम में फसायेगा जिसे करने की उम्मीद आपसे उसे नहीं, ऐसे अवसर की तलाश की जानी चाहिए. ऐसे ही अवसर आपके बॉस से अच्छे सबंध बनाएगा.
    4. आप खेती करते है, और आपको आपका बटाईदार अपने लाभ के लिए आपके विचारो को कोई तह्जुब नहीं देता आप हताश हो जाते है. इस स्थिति में या तो आप अपने सामने अपने विचारो को क्रियान्वित करे या उससे आने वाले साल में मुक्त हो जाए. इस समस्या में यह ध्यान रखा जाना चाहिए कि आपके व्यवहार में प्रति नकारात्मक न रहे.
    5. आप काम की तलाश में है, और आपको आपके मनपसंद का काम नहीं मिल रहा है, आप हताश हो चुके है. ऐसी घटना में यह याद रखना चाहिए कि कोई भी काम न तो मलाईदार होता है और कोई काम तीखा काम के तरफ देखने की दृष्टी ही उसे मलाई दार और नमकीन बनाता है. जो भी काम मिले उसे स्वीकार कर उसे अपने मनपसंद का बनाने में ही पुरुषार्थ है. जो भी काम मिलेगा उससे आय तो होगी ही, यदि पसंद का काम नहीं मिला इसी विचार में बैठे रहेंगे तो होने वाली आय से वंचित हो जायेंगे.
    जो भी काम मिले उसे निष्ठा के साथ पूरा करे और अवसर की प्रतीक्षा करे, अवसर अनेक मिलेंगे केवल उसे भुनाने की कला हमें आनी चाहिए. अनेक उदहारण मेरे इस तथ्य को समर्थन देते है.
    1. धीरू भाई अम्बानी पेपर बेचते थे किन्तु उनका सपना फाईव स्टार में चाय पीने का था, इसके लिए उन्होंने काफी कष्ट उठाये और अपने सपने को साकार किया.
    2. पुणे में एक डी.एस. कुलकर्णी नामके व्यक्ति है साधारण परिस्थिति में उनके सपने उचे थे आज वे बैंकिंग सेक्टर, आय.टी. सेक्टर, कंस्ट्रक्शन सेक्टर और एजुकेशन सेंटर के जानी मानी हस्ती है.
    3. डॉ कलाम भी एक साधारण परिवार से थे उनके कार्यो के कारण वे राष्ट्रपति बने. उन्होंने इस पद के लिए किसी राजनैतिक पार्टी के सामने नहीं गीड गीडाये. उनके महाँन कार्यो के कारण उनकी मृत्यु पर पूरा देश रोया.
    4. बाबा रामदेव योग के सामान्य प्रशिक्षक थे आज उनका अपना साम्राज्य है, और लगातार अपने साम्राज्य को बढाने के लिए रात को भी दिन कर रहे है. वे देश के व्यस्ततम व्यक्ति है.
    5. हमारे प्रधान मंत्री चाय बेचा करते थे, संघ के स्वयं सेवक बने और आज देश के प्रधान मंत्री है और सबसे बड़ी बात यह है कि आज भी उनकी लोकप्रियता में कोई कमी नहीं आयी है.
    6. अब्रहाम लिंकन ने अमेरिका के राष्ट्रपति बनने का सपना देखा उन्होंने 7 बार इस पद का चुनाव लड़ा हर बार हर गए, इस बीच उनकी प्रेमिका का भी निधन हो गया. वे हताश नहीं हुए 8 वी बार सीनेट का चुनाव जीते और उम्र के 60 वे साल में राष्ट्रपति का चुनाव जीतकर विजयी हुए. वे अमेरिका के सफलतम राष्ट्रपतियों में से एक है.
    ये उदहारण यह सिद्ध करते है कि व्यक्ति में जिद और मेहनत करने की इच्छा हो वही अपने सपने को या मनपसंद काम को प्राप्त कर सकता है, किसी भी काम में हताशा से अवसर खोजे जा सकते है. व्यक्ति को इसके लिए वह कौनसा काम कर सकता है के बारे सपने देखना चाहिए और फिर सपनो को पूरा करने में जी जान लगा देने वाला व्यक्ति ही अपने संकल्प को पूरा कर सकता, अब मै यह काम नहीं कर सकता, मेरे हाथ पैर नहीं चल रहे, मै तो बुढा हो गया, ये सब काम नहीं करने के बहाने है. इनसे दूर रहना चाहिए. देश और विदेशो के अनेक लोगो ने 60 साल के बाद ही एतिहासिक काम किये है इससे इतिहास भरा पड़ा है. वास्तविकता यह है कि आयु एक गणितीय आंकड़ा है, यह आंकड़ा ही मतिभ्रम करता है. यदि अटल जी इस भ्रम में पड़ते तो तो कभी सफल प्रधान मंत्री नहीं बन पाते. अनेक व्यक्तियों ने इस आयु के बाद ही एतिहासिक कार्य किये है.
    यदि आप विद्यार्थी है तब आपको केवल अध्ययन करना है और जो सपना देखा उसे पूरा करने में सारी ताकत लगाने से सपना पूरा हो सकता है. इस आयु को एक अनुशासित आयु होना चाहिए. इसमें पढने के घंटे, खेलने का समय, घर का काम कब करना है का निर्धारण किया जाना चाहिए. जिसकी यह आयु अनुशासित नहीं है उसका कोई सपना पूरा होगा लगता नहीं है. संक्षेप में विद्यार्थी का जीवन अनुशासित होने पर ही विद्यर्थी का बाकी जीवन सुखमय बीत सकता है.

    उल्लेखित बाते एक आदर्श स्थिति है. यह हर व्यक्ति पालन करेगा ऐसी अपेक्षा मेरी नहीं है. किन्तु आदर्श न बन सके तो आदर्श स्थिति तक तो पंहुचा ही जा सकता है. केवल संकल्प लेना है और उस पर आगे बढ़ना है, अनेक बाधाये आएगी उन्हें दूर कर अपने सपनो को पूरा करना है. जो भी कार्य किया जायेगा उसमे अवरोध आना निश्चित है उन अवरोधों को दूर कर अपने लक्ष्य तक पहुचना ही जीवन है, यह कठिन है. किन्तु इसे कठिन समझकर छोड़ देने से कार्य सिद्ध नहीं होगा. कठिनाई को दूर कर लक्ष्य तक पहुचना ही चाहिए.
    जहा तक जीवन लीला समाप्त करने की बात है यह अत्यंत सरल है. किसी नदी, बांध या तलाब में कूद जाना, जहर खा लेना. किन्तु जीवन को एक अनुशासन में जीना कठिन है इस मर्म को समझना चाहिए ऐसा व्यक्ति निराश और हताश होता है.कठिन जीवन जीने की ताकत इसमें नहीं है और वह जीवन की बाधाओ को दूर करने में सक्षम नहीं है. इसलिए कहा गया है जीवन कठिन है जबकि मरना सरल है. यह भी कटु सत्य है कि हम मरने के लिए ही जीते है. अंत में इसका सामना सबको करना पड़ता है, फिर जीवन के बीच में ऐसा क्यों किया जाए यह विचारणीय है.
     
Draft saved Draft deleted

Share This Page