शरीर सुख शरीराचे सुख: Healthy Body Tips

  
  1. RAM KASTURE

    RAM KASTURE Member

    शरीर सुख शरीराचे सुख

    हर व्यक्ति स्वस्थ रहना चाहता है, उसकी स्वस्थता पर ही परिवार का स्वास्थ निर्भर करता है. निरोगी व्यक्ति किसी पर निर्भर नहीं रहता. व्यक्ति दो प्रकार से दो प्रकार से स्वास्थ खोता है, पहला है, मानसिक रूप से और दूसरा शारीरिक रूप से, अधिकांश रोग मानसिक कारणों से शारीरिक रोग जन्म लेते है. मानसिक रूप से किसी असहनीय घटना को जितने जल्दी भुला जाए उतने रोग दूर होते है. मनुष्य कभी ऐसी बाते भूलने का प्रयास नहीं करता इसीलिए अनेक नए रोग पैदा हो रहे है. किसी ने कहा है जो सबसे पहले क्षमा मांगता है वह बहादुर है, जो सबसे पहले क्षमा करता है वह सबसे बड़ा शक्तिशाली है और जो सबसे पहले भूल जाता है वह सबसे बड़ा बहादुर है, शरीर को ताप देने वाली घटनाओ को जल्दी भूलना ही सुखी जीवन के लिए रामबाण है. घर घटित घटनाओ को हमेशा घर से निकलते ही भूल जाना चाहिए, तनाव हमेशा व्यक्ति को बीमारिया ही देता है, इससे बचने का प्रयास करना चाहिए. आज लगभग दूसरा व्यक्ति किसी न किसी तनाव से ग्रस्त है, तनाव मुक्त जीवन जीना भी एक तपस्या है.इस तपस्या का अभ्यास किया जाना चाहिए.

    1) हमेशा पानी को घूट-घूट करके चबाते हुए और पालथी मारकर पिये और खाने को इतना चबाया जाना चाहिए कि वह पानी बन जाये. किसी ऋषि ने कहा है कि "खाने को पियो और पीने को खाओ" इससे भोजन सरलता से पचता है. जल्दी में कभी खाना या पीने को टालना चाहिए. खाने के समय बात न करे. ईश्वर को धन्यवाद देना नहीं भूलना चाहिए कि उसने आज भोजन की व्यवस्था की है. मराठी में कहा जाता है, अन्नदाता सुखी असो स्वयंपाक करनारी स्वर्गात बसों. यह उस किसान और खाना बनाने वाली के प्रति कृतघ्यता है, यह आपकी और से उनके लिए धन्यवाद है.

    मराठी: पाण्या ला पालथी घालून बसून घुट घूट पीले पाहिजे. जेवना ला चाऊन ख्याल्यास जीवन चांगले पचते.

    2) भोजन के 40 मिनट पहले और खाने के बाद 60-90 मिनट के पानी पिया जाना चाहिए. इससे भोजन को पचने में मदद मिलती है. फ्रीज में रखा ठंडा पानी, बर्फ डाला हुआ पानी से परहेज किया जाना चाहिए गुनगुना पानी हमेशा लाभदायक होता है. कोई भी दवाई ठन्डे पानी से न ले. केवल मिट्टी के घडे या गुंडी का पानी ही पिये.

    मराठी: जेवन्याचा आधी 40 मिनिट पहले आणि जेवल्या नंतर 1 तासानी पानी पिल्यास जेवन पचाल्यला जड़ जात नाही.
    3) सुबह जगने के बाद बिना कुल्ला करे 2 से 3 गिलास पानी सुखआसन मे बैठकर पानी घूटं-घूटं करके पीने पेट साफ होता है. पुरानी कब्जियत मिटने का दावा किया जाता है.

    मराठी : सकाळी उठून तोंड न धुता 2-3 प्याले पानी पिल्यास पोटा चे विकार दूर होतात.

    4) भोजन के साथ भी कभी पानी पीने से भोजन को पचने में कठिनाई होती है. जरुरत पड़े तो सुबह ताजा फल का रस, दोपहर मे छाछ और रात्रि मे गर्म दूध का उपयोग कर किया जा सकता हैं. छाछ का सेवन पेट के उत्तम फल देता है.

    मराठी: जेवताना कधी ही पानी पिऊ नाही. गरज असल्यास सकाळी ताजे फलांचे रस दुपारी टाक आणि रात्रि गर्म दूध घेतले पाहिजे.

    भोजन हमेशा सुखआसन मे बैठकर करे और ध्यान खाने पर ही रहे, भोजन के साथ दूसरी क्रियाये निषिद्ध मानी गयी है, वार्तालाप, टीवी का देखना, गाने सुनना टाले . भोजन पूरा होने पर ही उठे

    मराठी जेवन नेहमी बसून केले पाहिजे, जेवताना नुसते जेवणा कड़े लक्ष असावे. गप्पा गोष्टी, गाने आईकने आणि टीवी वगेरह पाहने अन्न पाचन मधे बाधा उत्पन्न करतात.
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    5) फ्रीज़ मे रखा हुआ भोजन नहीं किया जाना चाहिए या यदि करना जरुरी है तब उस भोजन का तापमान सामान्य होने पर इसे खाया जाना चाहिए. इस भोजन को गर्म नहीं करना चाहिए. बासा भोजन करने को टाले.

    मराठी: फ्रिज मधे ठेवलेले अन्न खाण्याचे टाळने योग्य आहे. फ्रिज मधे ठेवलेले अन्न खाने आवश्यक आहे तर त्या अन्नाचे तापमान सामान्य होई पर्यंत थाम्बावे. ह्या अन्नाला कधी गरम करने योग्य नाही.

    6) आजकल समय की कमी की वजह से गृहणिया सुबह आटा गूँथ लेती है और सुबह की रोटी बनने के बाद वह गुंथा आटा शाम के लिए फ्रिज में रख देती है. ऐसे आंटे की रोटियां खाना स्वास्थ के लिए हानि कारक है. दोनों समय आटा गूँथ कर ही बनी रोटिय खायी जानी चाहिए.

    मराठी: आजकल वेळ ची कमी असल्याने घराची बाई दोन्ही वेळा ची कनिक सकालीच भिजवते आणि सकाळ च्या चपात्या झाल्यानंतर रात्रि साठी भिजवलेली कनिक फ्रिज मेधे ठेवतात आणि रात्री ह्याच कनकी च्या चपात्या करतात. ही पध्दत योग्य नाही.
    7) खाना खाने के तुरंत बाद पेशाब जरूर करे ऐसा करने से डायबिटज होने की संभावना कम हो जाती है. ऐसा आदत डालने से संभव है. एक दो दिन के बाद ऐसा किया जा सकता है. भोजन में मिश्री और गुड का प्रयोग करे, शकर का उपयोग बंद किया जाना चाहिए. रात को खीर दही या वात उत्पन्न करने वाली वस्तुओ का सेवन नहीं करे.

    मराठी:जेवणानंतर लघवी ला गेल्यास मधुमेह ची शक्यता कमी होते. अशी आदत टाकल्यास हे संभव आहे, 2-3 दिवसात अशी आदत पडू शकते. जेवणात गढ़ीसाखर,गुळ टाकने शरीरा करिता उत्तम आहे. जेवणात साखरे चा उपयोग कमित कमित केल्यास बरे होईल.

    8) विपरीत स्वभाव वाली वस्तुओ जैसे घी के शहद,दही के साथ उड़द की दाल,दूध के साथ या नमक से बनी वास्तु दूध से बनी कोई भी वस्तु एक साथ नहीं खाए.

    मराठी: ज्या वस्तु चे स्वभाव विपरीत त्या वस्तुना खाने योग्य नाही. उदाहरणार्थ तुपा बरोबर शहद,दही आणि उड़द,दुध आणि मीठ, दूध च्या दोन वस्तु जेवण बरोबर घेणे आयुर्वेदा प्रमाणे बरोबर नाही
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    9) रिफायींनड तेल का प्रयोग करे. कच्ची घानी से निकले तेल का ही प्रयोग किया जाना चाहिए तिल या मूंगफली के तेल का ही प्रयोग करने से जोड़ के दर्द और हार्ट अटेक से बचा जा सकता है.

    मराठी: रिफ़ाइंड तेल शरीरा करिता वर्धक नाही, त्या पेक्ष्या कच्या घानी चे भुईमुगाचे तेल किंवा तिळ चे तेल शरीरा व्याधि मुक्त ठेउ शकते.

    10) मैदा, नमक और चीनी ये तीनों सफ़ेद जहर है इनके प्रयोग से बचें, जबकी आज का युवा इन्ही से बनी वस्तुओ का दीवाना है. मैदा पेट में जाकर बैठ जाता है, जबकि नमक रक्तचाप को बढाता है और चीनी में तो अनेक अवगुण है. चीनी के स्थान पर शहद का प्रयोग करना लाभदायक है.

    मराठी: मीठ, साखर,आणि मैदा हे पांढरे विष आहे. ह्यांचा प्रयोग टाळले पाहिजे, मैदा पोटा मधे बसतो, मीठ ब्लड प्रेशर वाढवते. साखरे मधे अनेक अवगुण आहेत. साखरे बद्दल शहदा उपयोग केले पाहिजे.

    11) अपनी दोनों नासिकाओ मे देशी गाय के घी को हल्का गुनगुना करके 1-1 बुंद रात मे डालने से दिमाग तंदरुस्त रहता है। नजला जुकाम, सिर दर्द, माइगृेन, नींद नहीं आना, तनाव आदि समस्या का समाधान होता हैं
    मराठी: दोन्ही नाकपुढ्यात गाई चे तूप घातल्यास मस्तिक्ष्य ला आराम मिळतो. सर्दी पडसा, डोकेदुखी, झोपेची तक्रार नाही से होतात. ह्या गाई च्या तुपाने तनाव आदि पण कमी होते.

    12) छोटे बच्चो के तलवो में गाय का घी लगाने से उनकी याददाश्त बदती है और ऐसे बच्चे पढाई में हमेशा अवल रहते है

    मराठी: लहान मुलांच्या तळ पायाला तुपाची मालिश केल्यास हे मूल बुद्धिमान होतात.गाई च्या तुपाने कोले ष्टरार कमी होतो. गाईच्या तुपात अनेक अद्भुत गुण आहेत
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    13) बार बार खाने से बचे दोनों बार भरपेट भोजन करने से अनेक परेशानी से बचा जा सकता है. भोजन का एक निश्चित समय तय करने से लाभ ही होता है..

    मराठी:वेळो वेळी जेवणाचे टाळले पाहिजे, दोन्ही वेळा भरपूर जेवण घेतल्यास हे वेळ येणार नाही.
    14) नहाते समय तलवो को साफ़ करना न भूले

    मराठी: आंघोळ च्या वेळी तळ पाय साफ करावे.
    15) हमेशा सकारात्मक सोचना चाहिये। नकारात्मक सोचने से भी बीमारियाँ आती है।

    सरात्मक विचार करा , नकारात्मक विचाराने व्याधि होतात

    15) कूकर मे खाना न पकाए बल्कि किसी खुले बर्तन मे बनाए, क्योकि कूकर मे खाना उबलता है और खुले बर्तन के अन्दर खाना पकता हैं इससे खाने प्रोटीन मात्रा 93 प्रतिशत होती है और कूकर मे मात्र 13 प्रतिशत रहती है. वास्तविकता यह है कि कुकर में खाना गलता है पकता नही .

    कुकर मध्ये अन्न नका शिजवू, ह्या मध्ये अन्न शिजत नाही नुसते गळते. ह्या मधे अन्न शिज्वले तर प्रोटीन कमी होते.

    मै जानता हूँ यह सब करना कठिन है किन्तु प्रयास तो किया ही जा सकता है.इस प्रकार के अभ्यास से कुछ दिन तकलीफ होगी किन्तु एक बार आदत पड़ने से ऐसा संभव होगा यह सच है. उल्लेखित कारणों के कारण ही आज नयी नयी बीमारिया हमें घेर रही है. थोड़े सी परेशानी से स्वास्थ में अचानक सुधार दिखेगा. आपका स्वास्थ आने वाली पीढियों को स्वस्थ जीवन देगी. छोटे बच्चो में यह आदत डालनी चाहिए, मै यह भी जानता हूँ ऐसा करने से एक नए समय का उदय होगा और स्वच्छ भारत स्वस्थ भारत का सपना सच होगा, देसी गाय का दूध, मूत्र और घी अनेको बीमारी की दवा है दुर्भाग्य यह है कि आज इनको लुप्त किया जा रहा है.
     
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